इनकम टैक्स रिटर्न भरने में हुई देरी तो भरना होगा इतना जुर्माना

इनकम टैक्स रिटर्न भरने में हुई देरी तो भरना होगा इतना जुर्माना

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ब्यूरो । बजट 2017 में आयकर रिटर्न को लेकर सरकार ने जहां करदाताओं को सहूलियतें दी है वहीं आयकर रिर्टन जमा करने के लिए सख्त नियम बनाए हैं। यह पहली बार है कि इनकट टैक्स रिटर्न भरने वालों को एक साल तक स्क्रूटनी से छूट दी जा रही है। वहीं आयकर रिर्टन को देरी से दाखिल करने कर जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि के बाद अगर रिटर्न भरते हैं तो लेट फीस के तौर पर आपको 5,000 रुपये भरने पड़ेगे। लेकिन, अगर यह देरी 31 दिसंबर से भी लंबी हो जाती है तो लेट फीस 10,000 रुपये होगी। इसके अलावा हालांकि, जिन लोगों की आय 5 लाख से कम है जर्माने में राहत दी गई है। वे लेट फीस के रूप में अधिकतम एक हजार रुपये ही भरने होंगे।

जेटली ने कहा था कि देश में 3.7 करोड़ लोग आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं। इनमें 99 लाख लोग अपनी आमदनी ढाई लाख रुपये से कम दिखाते हैं यानी वे आयकर के दायरे से बाहर हैं। डेढ़ करोड़ लोग अपनी आमदनी ढाई लाख रुपये से पांच लाख रुपये के बीच, 52 लाख लोग पांच लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच और सिर्फ 25 लाख अपनी आमदनी 10 लाख रुपये से अधिक दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि स्पष्ट रूप से कर चोरी की जा रही है जिससे ईमानदार करदाताओं पर कर का बोझ ज्यादा पड़ता है।

वित्त मंत्री ने कालेधन के खिलाफ अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुये तीन लाख रुपये अथवा इससे अधिक के नकद लेनदेन पर रोक लगा दी है। कोई भी व्यक्ति एक दिन में तीन लाख रुपये ज्यादा का कैश ट्रांजैक्शन नहीं कर सकेगा। इस तरह वाहन, मकान, गहने और दूसरी कीमती चीजों के खरीदते समय आपको ऑनलाइन पेमेंट या चेक से भुगतान करना होगा, जो कि आयकर विभाग की नजर में रहेगा और ऐसे में टैक्स चोरी की गुंजाइश सीमित हो जाती है।

वहीं आयकर कानून में जोड़ी जा रही इस नई धारा (271 डीए) के तरत नियम तोड़ने वाले को बतौर जुर्माना उतने पैसे चुकाने होंगे, जो उन्होंने कैश पेमेंट की तय सीमा से ज्यादा भुगतान किए हैं।