चीफ़ जस्टिस पर जजों ने लगाए आरोप, कहा -लोकतंत्र को खतरा

चीफ़ जस्टिस पर जजों ने लगाए आरोप, कहा -लोकतंत्र को खतरा

Posted by

नुई दिल्ली, आज 4 एससी न्यायाधीशों ने मौजूदा मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ जज लोया की संदिग्ध मौत के मुद्दे का हवाला देते हुए गंभीर आरोप लगाया है।

 

दिसंबर 2014 में न्यायाधीश लोया का तबादला कर दिया गया था और उसके बाद दिसंबर 2014 में संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश तब मुख्य न्यायाधीश नहीं थे, फिर न्यायाधीश लोया के हस्तांतरण के साथ उनके पास कुछ भी नहीं है

 

बता दे सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीशों ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन किया. सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है.ये चार जज हैं- जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ़.अपने आवास पर आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के नंबर दो जस्टिस जे चेलमेश्वर ने कहा, “हम चारों इस बात पर सहमत हैं कि इस संस्थान को बचाया नहीं गया तो इस देश में या किसी भी देश में लोकतंत्र ज़िंदा नहीं रह पाएगा. स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायपालिका अच्छे लोकतंत्र की निशानी है.””चूंकि हमारे सभी प्रयास बेकार हो गए, यहां तक कि आज सुबह भी हम चारों जाकर चीफ़ जस्टिस से मिले, उनसे आग्रह किया. लेकिन हम अपनी बात पर उन्हें सहमत नहीं करा सके. इसके बाद हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा कि हम देश को बताएं कि न्यायपालिका की देखभाल करें.”मैं नहीं चाहता कि 20 साल बाद इस देश का कोई बुद्धिमान व्यक्ति ये कहे कि चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसेफ़ ने अपनी आत्मा बेच दी है.”चीफ़ जस्टिस दीपक मिश्र कब-कब चर्चा में रहे?जब जज को कहना पड़ा, ‘भगवान के लिए ऐसा न कहें”मजबूर होकर मीडिया में आए’जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि वे मजबूर होकर मीडिया के सामने आए हैं.से ये पूछने पर कि क्या आप मुख्य न्यायाधीश के ख़िलाफ़ महाभियोग चलाना चाहते हैं, जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि ‘ये देश को तय करना है.’इसी साल अक्तूबर में मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मिश्र की जगह लेने जा रहे जस्टिस गोगोई ने कहा, “ये देश का कर्ज़ था जो हमने चुकाया है.”