मध्यप्रदेश: कर्ज से परेशान तीन और किसानों ने की खुदकुशी, आंकड़ा 50 के पार

मध्यप्रदेश: कर्ज से परेशान तीन और किसानों ने की खुदकुशी, आंकड़ा 50 के पार

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मध्य प्रदेश में पिछले दो दिनों में तीन किसानों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि किसान आंदोलन के बाद प्रदेश में अब तक 50 किसान खुदकुशी कर चुके हैं। पिछले दो दिनों में बुदेलखंड इलाके के सागर और टीकमगढ़ जिले में दो किसानों ने और किसान आंदोलन के मुख्य केन्द्र रहे मंदसौर जिले में एक किसान ने खुदकशी कर ली।

 

 

 

मंदसौर जिले के नाहरगढ़ पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक बी एल बोरासी ने बताया कि डोराबदा गांव में 50 वर्षीय किसान लक्ष्मण सिंह ने रविवार (2 जुलाई) को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। बोरासी ने लक्ष्मण सिंह के परिजन के हवाले से बताया कि निजी साहूकारों से लिये गये 14.60 लाख रुपये के कर्ज के एवज में लक्ष्मण 30 लाख रुपये बतौर ब्याज के दे चुका था तथा साहूकार उस पर मूलधन जमा करने के लिये दबाव डाल रहा था। उन्होंने कहा कि किसान का खुदकुशी करने का सही कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।

 

बुदेलखंड इलाके में शनिवार शाम को सागर और टीकमगढ़ जिले में दो किसानों ने आत्महत्या कर ली। सागर जिले के सेमराघाट गांव के प्रेमलाल अहिरवार (23) ने कथित तौर पर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली।

 

खुरई पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक जगदीश भगत ने अहिरवार के परिजन के हवाले से बताया कि मृतक किसान ने निजी साहूकारों से कर्ज के एवज में अपनी 2.5 एकड़ भूमि गिरवी रखी थी। साहूकार जमीन अपने नाम पर करने के लिये किसान पर दबाव डाल रहा था।टीकमगढ़ जिले के धाना गांव में शनिवार की शाम को 42 वर्षीय किसान धरम सिंह ने अपने खेत में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। धरम सिंह के परिजन ने बताया कि कर्ज को चुकाने को लेकर वह परेशान था।

 

मोहनगढ़ पुलिस थाने के उप निरीक्षक मंशाराम बागेन ने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है। जांच के बाद ही किसान की खुदकुशी का कारण मालूम हो सकेगा।इस बीच, मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि 7 जून से अब तक प्रदेश में लगभग 50 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।