15 दिन में एक कार नहीं दिखी – कहाँ गया 33 हज़ार करोड़ ? गुजरात में बोले राहुल

15 दिन में एक कार नहीं दिखी – कहाँ गया 33 हज़ार करोड़ ? गुजरात में बोले राहुल

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राहुल गांधी के लगातार हमलों से गुजरात बीजेपी और गुजरात के नेता अपने आप को असमंजस में पाते हैं। बचाओ मैं बीजेपी नेता लोगो के पास राहुल गाँधी के हमलो का कोई उत्तर नहीं है। भाजपा केवल कांग्रेस की बुराई करके जनता से अपने काम पर नहीं , बल्कि कांग्रेस की बुराई पर वोट मांग रही है। गुजरात मैं राहुल गाँधी बराबर रैलियां कर के बीजेपी के सर का दर्द बने हुए हैं।

 

 

सूरत.राहुल गांधी साउथ गुजरात के दौरे पर हैं। शुक्रवार को वे वापी में नवसर्जन यात्रा में शामिल हुए। एक रैली में राहुल ने कहा कि सरकार ने नैनो को 33 हजार करोड़ दिए, लेकिन बीते 10-15 दिनों में मुझे एक भी कार नहीं दिखी। मैंने नैनो को ढूंढा, लेकिन वो मुझे मिली नहीं। इसके बाद उन्होंने वलसाड़ में रोड शो किया। राहुल आज सूरत भी जाएंगे। शाम को वे सचिन में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद उनका काफिला वराछा पहुंचेगा। वहां पाटीदार बहुल क्षेत्र में वे एक जनसभा को संबोधित करेंगे। हार्दिक पटेल ने कहा है कि राहुल गांधी के प्रोग्राम में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) के वर्कर्स कोई विरोध नहीं करेंगे, फिर भी एडमिनिस्ट्रेशन कोई चांस नहीं लेना चाहता। यही वजह है कि सीआरपीएफ जवानों को खासतौर पर बुलाया गया है। शुक्रवार को राहुल और हार्दिक पटेल के बीच मुलाकात होने के आसार कम हैं।

 

 

कांग्रेस के लिए अहम क्यों है दक्षिण गुजरात ?

ये कहना गलत नहीं होगा की राहुल गांधी ने और कांग्रेस कार्यकर्त्ता ने दक्षिण गुजरात में पूरी ताकत लगा दी है। इसकी वजह यह है कि दक्षिणी गुजरात 90 के दशक तक कांग्रेस का गढ़ रहा है, लेकिन पिछले डेढ़ दशक से इस इलाके में बीजेपी मजबूत हुई है। यहां तक कि सूरत शहर की सभी सीटें बीजेपी के पास हैं। कांग्रेस अपने गढ़ को छोड़ कर बीजेपी के गढ़ मई सेंध लगा कर कमज़ोर करना चाहती है।

 

 

 

दक्षिण गुजरात में सूरत, नवसारी, भरूच, वलसाड, नर्मदा, तापी और डांग जिले हैं। कुल 35 सीटें हैं। 28 सीटों पर बीजेपी का कब्जा है। कांग्रेस के पास सिर्फ 6 सीटें हैं। एक सीट अन्य के पास है। यहां के ज्यादातर वोटर आदिवासी हैं। कई सीटों पर पटेल और कोली जाति का दबदबा है।