कांग्रेस ने खट्टर सरकार को बताया पेपर लीक सरकार

कांग्रेस ने खट्टर सरकार को बताया पेपर लीक सरकार

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हिसार, 20 जनवरी।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सूरजेवाला ने खट्टर सरकार को पेपर लीक सरकार बताते हुए कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में भाजपा ने पेपर लीक मामले में रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले चार में एक ही, दो नहीं बल्कि 14 पेपर लीक हुए हैं जिनमें पीएमटी से लेकर ज्यूडिशियरी तक के संवेदनशील पदों वाले पेपर भी शामिल हैं।
वे शनिवार को यहां पंचायत भवन में शिक्षा रोजगार अधिकार सम्मेलन में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष आनंद जाखड़, जिला पार्षद कृष्ण सातरोड़ द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुमित्रा चौहान सहित भारी संख्या में युवा उपस्थित थे। युवाओं के जोश व भीड़ को देखते हुए उन्होंने सम्मेलन को विशेष बधाई दी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि दसवीं व बारहवीं के विद्यार्थियों को लैपटॉप देंगे, एडिड कॉलेज को सरकारी कॉलेज में कनवर्ट कर देंगे, कॉलेज, पॉलिटेक्निक में पढऩे वाले बच्चों की फीस का खर्च पूरा करने के लिए उनको पढ़ाई के साथ रोजगार देंगे, दो विश्वविद्यालयों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाएंगे, छह हजार से नौ हजार रुपये तक बेरोजगारी भत्ता देंगे, हर घर से एक रोजगार, दस लाख से एक करोड़ रुपये तक का ऋण देंगे, प्राइवेट उद्योगों में प्रदेश के युवाओं के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण तक का वायदा किया था। लेकिन आज सरकार का मात्र सवा से डेढ़ साल का समय बचा है लेकिन सरकार ने युवा पीढ़ी पर अत्याचार के अलावा कुछ नहीं किया है। बकौल मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर उन्होंने अपने कार्यकाल में मात्र सात हजार, 886 युवाओं को नौकरी दी है जबकि सच्चाई यह है कि उन्होंने 40 हजार से ज्यादा युवाओं की नौकरियां छीन ली हैं। प्रदेश के 90 प्रतिशत सरकारी कॉलेज प्रिंसिपल और प्राध्यापकों की कमी से जुझ रहे हैं और यही हाल स्कूलों व विश्वविद्यालयों के हैं।

श्री सूरजेवाला ने कहा कि खट्टर सरकार ने अपनी घोषणाएं तो दूर चार साल बीत जाने के बावजूद प्रदेश के युवाओं और बेरोजगारों से अपने किए गए वायदे भी पूरे नहीं किए हैं और प्रदेश का युवा आज ठगा महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर गुणवत्ता शिक्षा पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए हमें नए भवनों पर करोड़ों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वो तो पहले से ही गांवों व शहरों में हैं। हम बेरोजगार युवाओं का सदुपयोग करते हुए उनको न सिर्फ रोजगार देंगे बल्कि सरकारी स्कूलों में शाम के समय प्राइवेट स्कूल चलाने की योजना भी लेकर आएंगे। इससे न सिर्फ स्कूलों की संख्या बढ़ जाएगी बल्कि गुणवत्तापूर्ण सस्ती शिक्षा आम आदमी की पहुंच में हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारे लिए स्कूल व कॉलेज बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का साधन नहीं है बल्कि माध्यम है हमारे विद्यार्थियों और युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा देने का ताकि वे कार्पोरेट और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम के लायक बन सके। इसके लिए युवाओं को बायोडाटा बनाने, इंग्लिश स्पीकिंग, इंटरव्यू प्रशिक्षण आदि का प्रशिक्षण भी सरकार जिला व ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध करवाएगी।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की शिक्षा में भी काफी सुधार की जरूरत है ताकि हमारे विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के साधन जुटा सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर इसके लिए आईआईटी, आईआईएम और देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रतिष्ठित प्रोफेसरों को प्रदेश के विश्वविद्यालयों में आकर्षक वेतन और पैकेज के माध्यम से बुलाया जाएगा। ताकि हमारे विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा मिले और उनके साथ काम करके हमारे प्रोफेसर भी लाभान्वित हों।

युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करते हुए सूरजेवाला ने कहा कि देश में 70 प्रतिशत आबादी 40 साल से कम की है और यह युवा आबादी देश के लिए बहुत बड़ा वरदान साबित हो सकती है बशर्ते इनकी प्रतिभा का सही दिशा में सही इस्तेमाल हो। यदि इन युवाओं को रोजगार और सही दिशा नहीं मिलेगी तो यही ताकत सबसे बड़ी कमजोरी में बदल सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि इन युवाओं को योग्यता के अनुसार सही काम दें ताकि वे स्वाभिमान के साथ सही दिशा में देश को विकसित बनाने की दिशा में कार्य कर सकें। इससे न सिर्फ युवा अपराध से दूर जाएगा बल्कि देश व समाज बड़ी ताकत के तौर पर उभरेगा।

 

हकृवि के 74 प्राध्यापकों में से हरियाणा के मात्र 5
-रणदीप सिंह सूरजेवाला ने कहा कि खट््टर सरकार जब भर्ती करती है तो लगता है कि उन्हें प्रदेश के युवा लायक नजर नहीं आते। यही कारण है कि हकृवि में हाल में हुई 74 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती में प्रदेश के सिर्फ पांच ही युवाओं को रोजगार दिया है। यह हालात तो तब है जब कृषि प्रधान प्रदेश में कृषि विश्वविद्यालय के लिए भर्ती हो रही है।