हरियाणा की सरकार मंथन, चिंतन, भोजन व आराम की सरकार: सुरजेवाला

हरियाणा की सरकार मंथन, चिंतन, भोजन व आराम की सरकार: सुरजेवाला

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हरियाणा में हालात, किसान पीडि़त, युवा आंदोलित, गरीब शोषित, व्यापारी भयभीत, जनता त्रस्त और खट्टर सरकार मस्त

पेहोवा(कुरुक्षेत्र) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया प्रभारी व वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सूरजेवाला ने कहा कि प्रदेश की हरियाणा सरकार चिंतन, मंथन, भोजन व आराम की सरकार है।

सुरजेवाला आज रविवार को पेहोवा में किसान खेत मजदूर कांग्रेस के जिला प्रधान अमन चीमा द्वारा आयोजित अधिकार रैली को संबोधित कर रहे थे। अनाज मंडी के विशाल मैदान में आयोजित इस रैली में आयोजकों की उम्मीद से भी ज़्यादा भारी भीड़ उमड़ी, जिससे उत्साहित नेताओं ने अमन चीमा को सफल आयोजन के लिए बार-बार बधाई दी।लोगों का उत्साह देखने को बनता था।

सुरजेवाला ने कहा कि जिस हरियाणा की जनता ने पहली बार भाजपा को हरियाणा में सरकार बनाकर दी और वही जनता अपने अधिकारों के लिए लड़ रही है, उसे छोड़कर सरकार हिमाचल की हसीन वादियों में भाग गई है। उन्होंने कहा कि इस सरकार का असली काम ही चिंतन करना, मंथन करना, भोजन करना और फिर आराम से सो जाना है। प्रदेश की ढाई करोड़ जनता से इनको कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में यह हालात हैं कि किसान उत्पीडि़त है, युवा आंदोलित हैं, गरीब शोषित है, व्यापारी भयभीत है, जनता त्रस्त है और खट्टर सरकार मस्त है।

उमड़े जनसैलाब को सम्बोधित करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि देश में सरकार बनने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश की धरती पर वायदा किया था कि अगर उनकी सरकार बनी तो किसानों को फसल लागत का 50 फीसदी अधिक मूल्य देगी, लेकिन देश व प्रदेश की भाजपा सरकार ने किसानों के साथ अन्याय ही किया। किसानों को फसल लागत का अधिक मूल्य तो दूर, उनको फसलों के वाजिब दाम भी नहीं मिल रहे हैं। यही कारण है के आज देश का अन्नदाता आत्महत्या को मजबूर है। उन्होंने बताया कि देश की क्राइम ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2015 में 12 हजार 62 किसानों ने आत्महत्या की है, जबकि एक अनुमान के अनुसार 2016 में 17 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं। आज देश में हर 30वें मिनट में किसान आत्महत्या कर रहा है और इसका जिम्मेवार कोई और नहीं देश के प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में हर साल गेहूं के समर्थन मूल्य में 125 से 150 रुपये की वृद्धि होती थी, लेकिन यह सरकार हर साल 15 से 20 रुपये की बढ़ोतरी कर किसानों के साथ अन्याय व मजाक कर रही है। समर्थन मूल्य की बात तो अलग, देश के 70 साल के इतिहास में आज तक किसी भी सरकार ने कृषि उत्पादों पर जीएसटी नहीं लगाई। सरकार ने खाद, बीज व कीटनाशकों के साथ-साथ कृषि यंत्रों पर भी जीएसटी यानि गब्बर सिंह टैक्स थोंप दिया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी तो प्रदेश में किसानों की 1121 व1509 के भाव 5000 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल थे, लेकिन अब यह 2800 तक पहुंचे गए हैं। यही नहीं पिछले तीन सालों में तो किसानों की यह फसल 1800 से 2200 के भाव में बिकी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने प्रदेश में अगर कोई काम किया है तो नौजवानों व बेरोजगारों से मजाक किया है। सरकार कहती है कि उन्होंने पौने 4 साल के कार्यकाल में हजारों नौकरियां दी हैं, लेकिन 40 हजार नौजवानों की नौकरियां हड़पने का कार्य भी इसी सरकार ने किया है।

सूरजेवाला ने कहा कि सरकार ने जीएसटी लगाकार छोटे व्यापारियों की कमर तोड़कर रख दी है। अनेक व्यापारी अपना धंधा बंद करके बैठ गए हैं और उनकी रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है प्रदेश में अपराधों में बढ़ोतरी हुई है। गैंगरेप के हादसे सबसे अधिक हो रहे हैं, तो महिलाओं के साथ-साथ अब बच्चे भी इस सरकार में सुरक्षित नहीं है।

इस अधिकार रैली को पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य, हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सुमित्रा चौहान, पूर्व विधायक रमेश गुप्ता, सुरेश गुप्ता, पूर्व विधायक अनिल धंतोड़ी, पूर्व विधायक फूल सिंह खेड़ी, कांग्रेस नेता संजय छोकर,सुरेश यूनिसपुर, संजीव भारद्वाज, सतीश सांगवान व सतबीर भाणा, हरियाणा किसान खेत मजदूर किसान कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेंद्र फोगाट, हरियाणा कृषक समाज के अध्यक्ष ईश्वर दनौदा, रंजीता मेहता, रणधीर राणा, वीरेंद्र जागलान ने भी संबोधित किया।