बुरहानपुर: 15 मुस्लिम युवकों को फर्जी देशद्रोह के केस में फसाने वाले टीआई पर गिरी गाज

बुरहानपुर: 15 मुस्लिम युवकों को फर्जी देशद्रोह के केस में फसाने वाले टीआई पर गिरी गाज

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बुरहानपुर. चैंपियंस ट्रॉफी क्रिकेट में पाकिस्तान की जीत में आतिशबाजी करने पर जिले के मोहद गांव के 15 युवकों पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने वाले शाहपुर टीआई पर गाज गिरी है। उन्हें विभागीय जांच के लिए मंदसौर भेजा गया है। हालांकि एसपी का कहना है कि 2014 में मंदसौर के औद्योगिक थाने में जांच अधूरी है, इसलिए उन्हें मंदसौर भेजा है। इस मामले का मोहद देशद्रोह केस से कोई लेना देना नहीं है।

गौरतलब है कि शाहपुर टीआई संजय पाठक ने मोहद में 15 युवकों पर पहले धारा 120-बी षड्यंत्र करने और 124-ए देश के अपमान में नारे लगाने और उकसाने में देशद्रोह का मामला दर्ज किया था। हालांकि 24 घंटे में ही जांच के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर धारा 124-ए को बदलकर भादंवि की धारा 153-क समाज में सौहार्द खराब करने और वर्ग विशेष की भावना को आहत करने की लगाई।

बुरहानपुर जिला न्यायालय ने मंगलवार को सभी आरोपितों को जमानत दे दी, बुधवार को सभी को खंडवा जेल से रिहा कर दिया गया। इधर आरोपितों के परिजन का कहना है कि भले ही धाराएं बदल गई हों पर हम पर देशद्रोह का कलंक तो जीवन भर रहेगा। इधर 30 जून को फिर जिला न्यायालय में पेश होना है। आरोपितों के वकील उबेद शेख ने कहा कि जब तक पुलिस जांच कर चालान पेश नहीं करती पेशी शुरू नहीं होगी।

फरियादी कह चुका है पुलिस ने लिखा झूठा केस

चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल 18 जून को रात में खत्म हुआ था। भारत हार गया पर गांव में पटाखे फूटने की आवाज आई। इस पर गांव के ही एक व्यक्ति सुभाष कोहली ने पुलिस को सूचना दी। 10 किमी दूर स्थित शाहपुर थाने की पुलिस ने मौके पर जाकर देखा तो पटाखे फोड़े जा रहे थे। टीआई संजय पाठक ने माना कि पटाखे फोडऩे की शिकायत पर मौजूद लोगों को पकड़ लिया। उसके बाद मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में ला दिया। हालांकि बाद में खुद सुभाष ही शपथपत्र देकर पलट गया कि उसके सामने पटाखे फूट रहे थे और मिठाइयां बांटी जा रही थी। उसने न्यायालय को दिए बयान में कहा कि वह अपने पिता के साथ अपने दोस्त को छुडवाने गया था, पुलिस ने उसके फोन से 100 नंबर पर फोन करके जानकारी देने का नाटक किया, जबकि पुलिस पहले ही आरोपितों को पकड़ लाई थी।