मध्य प्रदेश: शिकायतकर्ता ने दिया बयान, कहा- देशद्रोह के फर्जी केस में 15 मुस्लिम युवकों को पुलिस उठा ले गई

मध्य प्रदेश: शिकायतकर्ता ने दिया बयान, कहा- देशद्रोह के फर्जी केस में 15 मुस्लिम युवकों को पुलिस उठा ले गई

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बुरहानपुर के मोहद गांव में पाकिस्तान के समर्थन में कथित तौर पर नारे लगाने के आरोप में 15 लोगों को अदालत से जमानत मिल गई है। मध्य प्रदेश पुलिस ने इन लोगों पर देशद्रोह का आरोप लगाया था लेकिन एमपी पुलिस ने दो दिन बाद ही ये चार्ज वापस ले लिया था। इस बीच इस केस के कथित शिकायतकर्ता ने ये कहकर सनसनी मचा दी है कि इन लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई भी नारा नहीं लगाया था और पुलिस एक युवक को सिर्फ इसलिए उठाकर ले गई क्योंकि उसका नाम मुस्लिम था।

 

 

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक सुभाष कोली नाम का ये शख्स डिश एंटीना बनाने का काम करता है और चैम्पियंस ट्राफी मैच में भारत की हार के बाद 15 युवकों द्वारा पाकिस्तान के पक्ष में नारा लगाने के मामले में पुलिस ने इस व्यक्ति को शिकायतकर्ता बताया है, लेकिन इस शख्स ने अदालत को कहा है कि ये केस ही गलत है। सुभाष कोली का कहना है कि उसने शिकायत ही नहीं की है।

 

 

सुभाष कोली ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने उस दिन पटाखे जरूर फोड़े थे लेकिन उस रात को वंदे मातरम और भारत माता की जय जैसे ही नारे लगे थे। इस शख्स का दावा है कि किसी ने पाकिस्तान के पक्ष में नारे नहीं लगाए ना ही मिठाइयां बांटी गई। सुभाष कोली का आरोप है कि एमपी पुलिस उसे धमकी दे रही है। सुभाष कोली ने कहा कि वो 18 जून को रात को पुलिस स्टेशन जरूर गया था क्योंकि उसके पड़ोस के एक व्यक्ति को पुलिस उठा कर ले गई थी। सुभाष के मुताबिक अनीस नाम का ये शख्स जानता भी नहीं था कि मैच में जीत किसकी हुई है, लेकिन पुलिस ने उससे उसका नाम पूछा और जब उसने अपना नाम अनीस बताया तो पुलिस उसे उठाकर ले गई।

 

 

सुभाष का आरोप है कि थाने में एक पुलिस वाले ने उसे थप्पड़ मारा और उसका मोबाइल छीन लिया और कंट्रोल रुम को फोन कर कथित नारेबाजी के बारे में बताया। पुलिस का कहना है कि उनके पास एक लिखित शिकायत है जिसमें सुभाष कोली के हस्ताक्षर हैं। लेकिन सुभाष कोली का कहना है कि उसने कागज के एक टुकड़े पर इसलिए हस्ताक्षर किया था ताकि उसका पड़ोसी पुलिस हिरासत से छूट जाए। पूरे घटनाक्रम पर बुरहानपुर जिले के एक पुलिस अधिकारी आर आर एस परिहार का कहना है कि केस की जांच चल रही है इस बीच में अगर नये तथ्य आते हैं तो उनकी भी जांच की जाएगी।