आज दो महान शख्सियत सरदार पटेल और इंदिरा गांधी को देश कर रहा है याद

आज दो महान शख्सियत सरदार पटेल और इंदिरा गांधी को देश कर रहा है याद

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आज भारत की दो महान शख्सियतों को याद किया जा रहा है। एक हमारे लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती है और आज ही आयरन लेडी इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि है।

सरदार पटेल स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री व उपप्रधानमंत्री थे। सरदार पटेल जी का हमारे स्वतंत्रता संग्राम मे भी विशेष योगदान रहा। सरदार पटेल जी ने स्वतंत्र भारत मे राजा-महाराजाओं की रियासतों का विलय कर एक संपूर्ण भारत बनाया। सरदार पटेल जी गृहमंत्री रहते हुये दृढ़ निश्चय के साथ निर्णय लिये। सरदार पटेल जी जब बारडोली सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे थे तब सत्याग्रह की सफलता के बाद महिलाओं ने वल्लभ भाई पटेल जी को “सरदार” की उपाधि से सुशोभित किया। भारत की सभी रियासतों का एकीकरण करने के बाद सरदार पटेल जी को “भारत का बिस्मार्क” व “लौह पुरूष” के नाम से जाना जाने लगा।

आज सरदार पटेल जी को उनकी जयंती पर आज याद किया जा रहा है। आज उनकी महानता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस संघ को सरदार पटेल जी ने प्रतिबंधित किया था उसी संघ की विचारधारा पर चलने वाली भाजपा पार्टी के मुख्य चेहरे और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरदार पटेल जी को अपना बताने लगे हैं।

 

इंदिरा गांधी: आयरन लेडी

आप सबको पता ही होगा आज सरदार पटेल जी की जयंती के साथ-साथ इंदिरा गांधी जी की पुण्यतिथि भी है। इंदिरा गांधी जी को आज के दिन ही बेअंत सिंह व संत सिंह ने गोलियां मारकर शहीद कर दिया था। इंदिरा गांधी जी की बहादुरी के चर्चे बहुत हैं। इंदिरा गांधी जी के दृढ निश्चय व एकदम कठोर से कठोर निर्णय लेने की क्षमता के कारण ही भारत ने पाकिस्तान को 1971 के युद्ध मे हराकर पूरे विश्व के सामने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत भी अब विश्व की महाशक्तियों मे सम्मिलित होने जा रहा है। इंदिरा गांधी को इस युद्ध के बाद विश्व के महान नेताओं मे सम्मिलित किया जाने लगा। इंदिरा गांधी जी को एक बार कांग्रेस के सभी नेताओं ने पार्टी से बाहर कर दिया था और इसी के साथ इंदिरा गांधी की राजनीति को खत्म समझा जाने लगा लेकिन इंदिरा ने फिर से अपनी राजनीति को जिन्दा किया और भारतीय राजनीति मे खुद को स्थापित किया। इंदिरा गांधी जी ने 1971 मे पाकिस्तान को तोडकर पाकिस्तान की जमीं पर कब्जा करने की बजाये एक आजाद देश की स्थापना की और आज उस देश को बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है। बांग्लादेश का निर्माण करने के बाद इंदिरा गांधी जी की छवि को अंतरराष्ट्रीय मुककाम हासिल हुआ क्योंकि कोई देश किसी देश को हराकर उसपर कब्जा करता है ना कि आजाद देश बनाता है।

इंदिरा गांधी जी ने एक भाषण दिया था उस भाषण की पंक्तियां कुछ यूं थी “एक-एक खून का कतरा जितना मेरा है वो एक-एक खून एक भारत को जीवित करेगी”

ये भाषण देश की जनता के दिलों पर अलग सी छाप छोड गया।

लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल को उनकी जयंती पर शत् शत् नमन।
आयरन लेडी इंदिरा गांधी जी को उनकी पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन।