नोटबंदी हुई फेल, हुआ हमारे सर्वेक्षण से खुलासा

नोटबंदी हुई फेल, हुआ हमारे सर्वेक्षण से खुलासा

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नई दिल्ली।आज नोटबंदी किये हुये एक साल बीत गए इस एक साल मे क्या हुआ? वादे तो बडे-बडे किये गये लेकिन वो कहां तक सही उतर पाये और कहां डूब गये। आज हमारे सर्वेक्षण करने का इरादा बस इतना ही था।

पिछले साल शाम के आठ बजने वाले थे और टेलीविजन स्क्रीन पर हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आना हुआ। उन दिनों पाकिस्तान के साथ रिश्ते काफी तल्ख चल रहे थे और 8 नवबंर को ही डीजीएमओ का बयान भी आया था कि भारतीय सेना युध्द के लिये हर समय तैयार है। उसी बयान को मद्देनजर रखते हुये सभी देशवासी मोदी जी का देशभक्ति की बातें सुनाता संबोधन सुन रहे थे लेकिन कुछ मिनटों बाद जब मोदी जी ने कहा कि 1000 और 500 के नोट आज मध्यरात्रि से लीगल टेंडर नही रहेंगे यानि की नोटबंदी की घोषणा हो गई। इस नोटबंदी की घोषणा करते हुये मोदी जी ने अपने संबोधन मे कहा था कि ये नोटबंदी कालेधन वालों पर चोट होगी और इस नोटबंदी से कश्मीर मे पत्थरबाजी रूक जायेगी और आंतकवादियों का खात्मा हो जायेगा।

कुछ ऐसी बातें मोदी सुनाते जा रहे थे और देशवासियों से नरेन्द्र मोदी ने स्थिति सामान्य करने के लिये सिर्फ 50 दिन मांगे थे। आप सभी को मालूम ही होगा कि नोटबंदी के दौरान हर आम आदमी को कितनी तंगी का सामना करना पडा। हजारों बेटियों की शादी टूट गई और हजारों की शादियां रूक गई, व्यापार-धंधा चौपट हो गया, नौकरीयां छीन ली गई, दिहाडीदारों की दिहाड़ी खत्म हो गई, कारखानों वालों ने सभी मजदूरों को छुट्टी पर भेज दिया। नोटबंदी के दौरान पूरा भारत पंक्तियों मे खडा हो गया। पंक्तियों मे खडे भारत मे 150 से ज्यादा लोग मर गये। और कई बैंककर्मी भी मर गये। काफी बैंक कर्मियों ने 16-16 घंटे काम किया और इतने लंबे वक्त तक काम करते हुये बैंककर्मियों से कुछ गलतियां भी हुई और उन गलतियों को अपनी जेब से पूरा किया गया। हमारा कहने का तात्पर्य है कि इस देश के छोटे से छोटे वर्ग व कर्मचारी वर्ग ने भी नोटबंदी के लिये खुद को इसमें झोंक दिया।

नोटबंदी के एक साल पूरा होने पर हम लोगों के बीच गये। हमारी कई टीमों ने पूरे देश के कोने-कोने मे जाकर 40000 लोगों से नोटबंदी के बारे मे जाकर 10 अलग अलग सवाल किये और एक राय जुटाई।

हम आपको बताना चाहेंगे कि हमने लोगों के सामने सवाल रखा कि क्या नोटबंदी से आंतकवाद खत्म हुआ?

इस सवाल का ना मे जवाब देना वाला बहुत बडा धडा था।
इस सवाल का ना मे जवाब देने वाले 32670 लोग थे।
जोकि 81.67% बैठ रहा था।

हमारा दूसरा सवाल था क्या नोटबंदी से कालेधन पर चोट हुई?

इस सवाल का ना मे जवाब देने वाले 24873 लोग थे जोकि 62.18% बैठ रहा था।

फिर हमारी टीम ने अपना तीसरा सवाल पूछा कि क्या नोटबंदी से कश्मीर मे हो रही पत्थरबाजी पर असर पडा?

कोई असर नही पडा ये जवाब देने वाले 21985 लोग थे। जोकि 53.46% बैठ रहा था।

हमारी टीमों ने नोटबंदी से संबंधित 10 सवाल पूछे उन सब सवालों को हम अपने अगले लेखों मे लेकर आयेंगे। आज नोटबंदी की प्रथम सालगिरह सरकार के शब्दों मे और प्रथम पुण्यतिथि विपक्ष के शब्दों मे के मौके पर हमने ये 3 सवाल ही रखे क्योंकि नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन मे इन तीन पक्षों को बडी मजबूती से रखा था और इन सब पर कडी चोट बताते हुये पूरे देशवासियों का समर्थन प्राप्त किया था और विभिन्न मुश्किलों को झेलते हुये नरेन्द्र मोदी को पूर्ण सहयोग किया था।