राहुल गांधी के पिता ने खोले थे राम मंदिर के द्वार, आज भाजपा प्रवक्ता ने बताया बाबर भक्त

राहुल गांधी के पिता ने खोले थे राम मंदिर के द्वार, आज भाजपा प्रवक्ता ने बताया बाबर भक्त

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नई दिल्ली।बीजेपी के प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जोरदार हमला करने के चक्कर में राहुल गांधी को  ‘बाबर भक्त’ और ‘खिलजी का रिस्तेदार तक बता डाला।आज बाबरी विध्वंस की 25वीं बरसी के मौके पर ट्वीट किया हैैं।राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई को भले ही सुप्रीम कोर्ट ने 8 फरवरी, 2018 तक के लिए टाल दिया है, लेकिन राजनीतिक घमासान जारी हैं।

 

नरसिम्हा ने ट्वीट किया, ‘अयोध्या में राम मंदिर का विरोध करने के लिए राहुल गांधी ने ओवैसियों और जिलानियों से हाथ मिला लिया है। राहुल गांधी निश्चित रूप से एक ‘बाबर भक्त और ‘खिलजी के रिश्तेदार’ हैं।बाबर ने राम मंदिर को नष्ट कर दिया और खिलजी ने सोमनाथ को लूट लिया। नेहरू वंश दोनों इस्लामी आक्रमणकारियों के पक्ष मे!’

 

 

 

बता दे अमित शाह ने कहा हैं कि राहुल गांधी अपना रुख साफ करें कि उनका इस मामले पर क्या विचार है। उन्होंने कहा, एक तरफ राहुल गांधी गुजरात में मंदिर घूम रहे हैं वहीं दूसरी तरफ कपिल सिब्बल राम जन्म भूमि मुद्दे को सुलझाने में देर करने की मांग कर रहे हैं।

अमित शाह के प्रेस कॉन्फ्रेंस के थोड़ी देर बाद शाह पर पलटवार करने के लिए कांग्रेस की और से प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

 

सुरजेवाला ने कहा कि अयोध्या मामले को लेकर बीजेपी ‘मंथरा’ की भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर कांग्रेस का रुख साफ है, अयोध्या विवाद को लेकर कांग्रेस का रुख वही है जो सुप्रीम कोर्ट का रुख है।

कपिल सिब्बल को लेकर शाह के सवालों का जवाब देते हुए सुरजेवाला ने कहा, कपिल सिब्बल जिस मामले को लेकर कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं वह उनका निजी मामला है। इस मामले से कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है। शाह के सवालों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, अरुण जेटली भोपाल गैस कांड के आरोपी की पैरवी कर रहे थे तो क्या इसका मतलब मान लिया जाए कि बीजेपी इसकी पैरवी कर रही है?

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद को लेकर आज सुनवाई हो रही थी। जिसमें कपिल सिब्बल मुस्लिम पक्षकारों की ओर से पेश हुए थे। उनके साथ राजीव धवन भी थे। कपिल सिब्बल ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा, चूंकि राम मंदिर का मुद्दा बीजेपी के 2014 के चुनावी घोषणापत्र में शामिल है इसलिए इस मामले को 2019 जुलाई तक के लिए टाल दिया जाए। दोनों वकील इस मामले की सुनवाई टालने और मामला विचार के लिए सात जजों की बेंच को सौंपने की मांग कर रहे थे। वहीं रामलला का पक्ष हरीश साल्वे के तरफ से रखा गया।